Please reload

Recent Posts

सीमा प्रहरियों के स्नेह के आगे...हारा कोरोना, सिस्टर ऑफ़ बीएसऍफ़ हर साल की तरह इस बार भी पहुंची बॉर्डर पर

August 3, 2020

1/10
Please reload

Featured Posts

अध्यात्म के पर्याय: पू.स्वामी चिदानन्द सरस्वती

December 29, 2017

 

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती

आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक पृष्ठभूमि

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के जीवन का मुख्य आदर्श “ईश्वर व मानवता की सेवा में है।“ मात्र आठ वर्ष की अल्पायु में ही ईश्वर के महिमा का अंतःकरण में एहसास होने के बाद, स्वामी जी ने ईश्वर व मानवता के प्रति समर्पित जीवन जीने हेतु अपना घर त्याग दिया। अपनी युवा अवस्था को उच्च हिमालय में मौन व ध्यान साधना  में लगाया। 9 वर्ष की आयु में अनवरत कठोर साधना अपने गुरू के आदेश पर तद्नन्तर शैक्षणिक ज्ञान हेतु जंगल से वापस लौटे। तत्पश्चात पूज्य स्वामी जी ने संस्कृत व दर्शन शास्त्र में शिक्षा प्राप्त की। अनेक भाषाओं में विचार व्यक्त करने की क्षमता उनमें अद्भुत है।

 एकता की शिक्षा- एकता, सद्भाव एवं ईश्वरीय मार्ग पर चलने की अटूट आस्था पूज्य स्वामी जी के शिक्षा व ज्ञान की बुनियादी नींव हैं। उनका लक्ष्य सभी को ईश्वर के सानिध्य में लाना है। ईश्वर की आराधना किसी भी नाम से हो, उसका कोई फर्क नहीं पड़ता। यदि आप हिन्दू हैं तो अच्छे हिन्दू बनें, यदि आप ईसाई हैं तो अच्छे ईसाई बनें, यदि आप मुस्लिम है तो अच्छे मुस्लिम बनें, यदि आप यहूदी हैं, तो अच्छे यहूदी बनें। इस क्षेत्र में विभिन्न सम्मेलनों, अंतर-धार्मिक सभाओं एवं धार्मिक ससंदों का नेतृत्व भी किया है जिसमें प्रमुख हैं-पार्लियामेण्ट ऑफ़ वर्ल्ड रिलिजन, मीलेनियम वर्ल्ड पीस समिट एट यूनाइटेड नेशन्स, वर्ल्ड इकोनामिक फोरम, वर्ल्ड काउन्सिल आफ रिलीजियस लीडर्स ऐट द यूनाइटेड नेशन्स, द वल्र्ड कान्फ्रेन्स आफ रिलीजन फार पीस, द ग्लोबल यूथ पीस समिट ऐट द यूनाइटेड नेशन्स, द हिन्दू जुईश समिट तथा हिन्दू क्रिश्चियन डायलाग इनीशियेटेड बाई द वेटिकन, भारतीय संसद, सर्व धर्म संसद। दुनिया में आयोजित होने वाली विभिन्न शान्ति-यात्राओं के अग्रदूत भी हैं। आध्यात्मिक धर्मगुरू एवं प्रेरणा-पूज्य स्वामीजी परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के परमाध्यक्ष, गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता एवं ग्लोबल इण्टर फेथ वाश एलांयस (जीवा) के सह-सहसंस्थापक अध्यक्ष हैं। परमार्थ निकेतन भारत की प्रमुख एवं विख्यात धार्मिक संस्था है। उनके दिव्य प्रेरणा एवं नेतृत्व मंे परमार्थ निकेतन ऐसा पुण्य स्थल बन चुका है जिसे सम्पूर्ण दुनिया में सौन्दर्य, रमणीयता, सुरम्यता, शान्ति, ईश्वरीय कृपा एवं दिव्यता के परिवेश के लिये जाना जाता है। पूज्य स्वामी जी ने परमार्थ निकेतन द्वारा संचालित मानवीय गतिविधियों को बहुमुखी बना दिया है। अब आश्रम मात्र आध्यात्मिक पुण्य-स्थल ही नहीं है, अपितु यहाँ जरूरतमंद लोगों को शिक्षण, प्रशिक्षण व स्वास्थ संरक्षण का ज्ञान भी प्रदान किया जाता है। वे अमेरिका में स्थापित प्रथम हिन्दू-जैन मन्दिर के सस्ंथापक व आध्यात्मिक प्रमुख हैं। यह सुन्दर तीन-गुम्बद वाला मन्दिर पिट्सबर्ग पेनसिलवैनिया के बाहरी छोर पर सुन्दर सुरम्य पहाड़ पर स्थित है। मन्दिर के माध्यम से सम्पूर्ण अमेरिका में हिन्दू-जैन एकता का मार्ग प्रशस्त किया गया है। अमेरिका, कनाडा, यूरोप एवं आस्ट्रेलिया में स्थित अनेक मन्दिरों के प्रेरणा स्रोत पूज्य स्वामी जी रहे है।

 युवाओं को मार्गदर्शन - पूज्य स्वामीजी का मानना हैं कि युवा देश का भविष्य है। वे जिन युवाओं के सम्पर्क में आते हैं, उन पर उनका प्रभाव व आशीर्वाद देखा जा सकता है, जो कि उनके भविष्य की दिशा बदल देता है। उनके ओज से सभी के चेहरे प्रफुल्लित हो जाते हैं। वे शान्ति, सद्भाव व वैश्विक परिवर्तन के व्यावहारिक मार्ग बताते हैं। पूज्य स्वामी जी का मार्गदर्शन भारत, अमेरिका, यूरोप व सम्पूर्ण एशिया से आने वाले युवाओं को सदैव मिलता रहता है। हर दिन परमार्थ निकेतन में उनका तांता लगा रहता है।

 

अनवरत सेवा- ‘देना ही जीना है’ पूज्य स्वामी जी के जीवन आदर्श का प्रमुख सूत्र है। स्वामी जी दर्जनों कल्याणकारी परियोजनाओं का संचालन करते हैं जिनमें से प्रत्येक सम्पूर्ण मानवता के लिये बेहतर संसार देने के लिये समर्पित हैं। वे “भारतीय विरासत शोध प्रतिष्ठान“ के संस्थापक हैं। यह अतंर्राष्ट्रीय स्तर का लाभ-रहित मानववादी संगठन है जो शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा कल्याण व व्यवसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिये समर्पित है। पूज्य स्वामी जी के मार्गदर्शन में इस प्रतिष्ठान द्वारा ‘हिन्दू धर्म विश्व कोश’ का संकलन किया गया है। पूज्य स्वामी जी ‘डिवाईन शक्ति फाउण्डेशन’ के संस्थापक अध्यक्ष हैं, जो नारियों की ऊर्जा, शक्ति व योग्यता के उपयोग हेतु समर्पित है। यह परित्यक्त, अनाथ बालक व बालिकाओं, विधवाओं व गरीब महिलाओं की सहायता एवं शिक्षा में उनका सहयोग करता है। यह संगठन निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर प्रति सप्ताह पहाड़ी स्थानों पर लगवाता है, जहाँ पर स्वास्थ सुविधायें उपलब्ध नहीं है।

 

गंगा एक्शन परिवार- पूज्य स्वामी जी गंगा एक्शन परिवार के संस्थापक भी हैं। यह वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, विशेषज्ञों, स्वयंसेवकों एवं भक्तों का विश्वव्यापी परिवार है जो माँ गंगा के जल को निर्मल व अविरल बनाने के लिये प्रतिबद्ध है। गंगा एक्शन परिवार द्वारा संचालित कार्य बहुमुखी एवं व्यापक हैं।

पुरस्कार एवं सम्मान-आध्यात्मिक नेता की भूमिका के रूप में उनके मानवतावादी कार्यो के लिये पूज्य स्वामी जी को अनेक पुरस्कार प्राप्त हुये हैं। उनमें से कुछ प्रमुख नीचे उल्लेखित हैं-

- महात्मा गांधी ह्यूमैनिटैरियन एवार्ड: यह पुरस्कार यू.एस.ए. में पूज्य स्वामी जी को उनके धमार्थ एवं अन्तर धार्मिक कार्यो के लिये दिया गया है।

- हिन्दू आफ द ईयर- यह पुरस्कार अन्तर्राष्ट्रीय मैगजीन ‘हिन्दूइज्म टुडे‘ द्वारा हिन्दू धर्म विश्वकोष की योजना बनाने हेतु दिया गया।

- उत्तराँचल रत्न’ उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदान किया गया।

- भारत विकास परिषद द्वारा प्रथम उत्कृष्ट सम्मान एवार्ड दिया गया।

- देवर्षि एवार्ड पूज्य संत रमेश भाई ओझा के मार्गदर्शन में सांदीपनि विद्या निकेतन द्वारा विश्व में  भारतीय संस्कृति व विरासत के प्रसार हेतु दिया गया।

- भास्कर एवार्डर "यह पुरस्कार मिस्टिक इण्डिया एवं भारत निर्माण संघ द्वारा मानवीय सेवाओं हेतु प्रदान किया गया।

- प्रोमिनेण्ट पर्सनैलिटी एवार्डरूयह लाॅयंस क्लब द्वारा प्रदान किया गया।

- दिवाली बेन मोहनलाल मेहता चैरिटेबल ट्रस्ट एवार्ड फार प्रोग्रेस इन रिलीजन।

- बेस्ट सिटीजन आफ इण्डिया एवार्ड

 आगे उन्हें पैट्रन आफ द रशियन इण्डियन हेरीटेज रिसर्च फाऊण्डेशन मास्कोश् एवं पैट्रन आफ द सेन्टर फार रिलीजियस एक्सपीरियन्स इन आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के उपाधि से नवाजा गया है।

सनातन सत्य का सच्चा सन्यासी- इन सम्मानों व पुरस्कारों के प्रभाव स्वामी जी के व्यक्तित्व पर बिल्कुल नहीं पड़ाए इनके प्रभाव से वे पूर्णतया निर्लिप्त रहकर ईश्वर के पवित्र बालक रूप में बने रहे। सब कुछ त्यागकर गेरूंआ वस्त्र धारण कर सन्यास का जीवन जीते रहते हैं। ऋषिकेश में उनका दिन दूसरों की सेवा में व्यतीत होता है। अमेरिकाए यूरोप, आस्ट्रेलिया व सम्पूर्ण भारत मे हजारों लोग उनके सानिध्य मंे बैठने व दर्शन हेतु खिंचे चले आते हैं। उनके लिये यात्रा सत्संग रूपी अमूल्य उपहार का मूल्य है। सारी दूनिया की वे यात्रा करते हैं ताकि ज्ञानए पे्ररणाए उद्धार एवं ईश्वरीय अस्तित्व के प्रकाश का सम्पूर्ण दूनिया में विस्तृत प्रसार कर सकें।

 

 

 

Share on Facebook
Share on Twitter
Please reload

Follow Us

I'm busy working on my blog posts. Watch this space!

Please reload

Search By Tags
Please reload

Archive
  • Facebook Basic Square
  • Twitter Basic Square
  • Google+ Basic Square
ABOUT US

वॉइस ऑफ़ भारत, हमारी कोशिश है आपको भारत की वो तस्वीर दिखाने की, जिसे अनगिनत, अंजाने नागरिक उम्मीद के रंगों से संवार रहे हैं. 

ADDRESS

56, Gayatri Nagar, Palroad, JODHPUR-342008 Bharat

SUBSCRIBE FOR EMAILS
  • Grey Facebook Icon
  • Grey Google+ Icon
  • Grey Instagram Icon

© 2019-20 Voice of Bharat