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शिमला का यह सुन्दर कैफ़े उम्रकैद की सज़ा काट रहे कैदियों द्वारा चलाया जाता है


अगर इन गर्मी की छुट्टियों में आप शिमला जाने की सोच रहे हैं, तो संभव है कि आप इस छोटे से होटल, बुक कैफ़े के पास से गुजरें, जो प्रसिद्ध रिज के ठीक ऊपर है। कई अन्य कैफ़े से अलग यह कैफ़े न सिर्फ स्वादिष्ट स्नैक्स और पेय देता है बल्कि अपने मेहमानों को पहाड़ों के सौंदर्य के दर्शन भी करवाता है।

आपको शायद यह भी पता लगे कि यह कैफ़े चार अपराधियों द्वारा चलाया जाता है जो कि शिमला के पास के कैठु जेल में अपनी उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं।

इस कैफ़े को राज्य पर्यटन विभाग द्वारा चलाया जा रहा है और इसके पीछे की मंशा इन कैदियों का पुनर्वास और समाज से जोड़ना है। इस कैफ़े को 20लाख की लागत में बनाया गया है और यहाँ करीब 40 लोगों के बैठने का प्रबंध है। यह अपने ग्राहकों को कैदियों द्वारा बनाये गए स्वादिष्ट बिस्कुट और पिज़्ज़ा खिलाते हैं।

जय चाँद, योग राज, राम लाल और राज कुमार को प्रोफेशनल द्वारा खाना बनाने और परोसने की ट्रेनिंग दी गयी है। इनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा जब इन्हें मौका मिला कि ये भी दुनिया को दिखा पाएं कि इन्होने खुद को बदलने की ठान ली है।

बिज़नस स्टैण्डर्ड को जय चाँद बताते हैं, “ इस कैफ़े नें हमे दुनिया से जुड़ने क मौका दिया। इसे हम चारो स्वतंत्र रूप से चला रहे हैं। यहाँ आने वाले सैलानियों या स्थानीय निवासियों ने हमसे बात करने पर भी कभी किसी प्रकार की शंका नहीं जतायी। वे हमारे इस बदलाव के बारे में और जानने को उत्सुक रहते हैं।”

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हाल ही में इस कैफ़े का उदघाटन किया। यह कैफ़े लोगों के लिए सुबह 10 बजे से रात के 9 बजे तक खुला रहता है। इसके बंद होने के बाद कैदियों को वापस जेल में ले जाया जाता है।

जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है, बुक कैफ़े में हर तरह की किताबें हैं जिनमे जुल्स वर्नी और निकिता सिंह जैसे लेखकों का नाम उल्लेखनीय है। यह कैफ़े मुफ्त वाई फाई की सेवा भी दे रहा है।

इस कैफ़े तक टक्का बेंच, रिज, द मॉल, शिमला, हिमाचल प्रदेश : 171001 के पते पर पहुंचा जा सकता है।


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