• Parvati Jangid Suthar

प्रधानमंत्री ने मन की बात में जिस कराटे गर्ल हनाया निसार का जिक्र किया, उसे इस मुकाम तक पहुँचाने मे

साउथ कश्‍मीर के अनंतनाग सेक्‍टर के कोकरनाग की रहने वाली 12 साल की हनाया निसार ने हाल ही में साउथ कोरिया में हुई इंटरनैशनल कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था। हनाया के साथ प्रधानमंत्री ने मन की बात में किया रजनी और वेदांगी का भी जिक्र

अभिमन्यु कोहर के साथ कराटे किड हनाया निसार

श्रीनगर/नई दिल्ली:

साल 2018 के अंतिम 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी द्वारा कश्मीर की कराटे चैंपियन हनाया निसार की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी द्वारा सार्वजनिक मंच पर प्रोत्साहित किए जाने के बाद निसार ने कहा कि वह काफी गौरवान्वित महसूस कर रही है।

हनाया ने कहा, 'मैं काफी गौरवान्वित महसूस कर रही हूं कि पीएम श्री मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में मेरा जिक्र किया और मेरी सराहना की। मैं बहुत खुश हूँ और उनका आभार प्रकट करती हूँ व विश्वाश दिलाती हूँ भारत का गौरव और अधिक बढ़ाउंगी। तथा मैं इस अवसर पर भाई अभिमन्यु कोहर का जिक्र करना नहीं भूलूंगी, क्यूंकि आज मेरी इस सफलता के पीछे माता पिता साथ अभिमन्यु भैया का बहुत बड़ा योगदान है, हमारा परिवार आर्थिक स्थिति से बहुत कमजोर है और अभिमन्यु भैया ने न सिर्फ आर्थिक सपोर्ट किया बल्कि हिम्मत भी दी। मैं ऐसे परमार्थी इंसान का शुक्रिया अदा करना चाहूंगी।

अब मुझे लग रहा है कि मैं और अधिक फोकस के साथ काफी कुछ हासिल कर पाऊंगी।' हनाया ने कहा कि वह पीएम श्री मोदी से मिलकर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के सपनों के बारे में बात करना चाहती हैं।

आपको बता दें कि साउथ कश्‍मीर के अनंतनाग सेक्‍टर के कोकरनाग की रहने वाली 12 साल की हनाया निसार ने हाल ही में साउथ कोरिया में हुई इंटरनैशनल कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था। इससे पहले गोवा में हुए फेडरेशन नैशनल में भी हनाया ने गोल्ड पर कब्जा जमाया था।

#मन_की_बात हनाया के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बालिकाओं में रजनी और वेदांगी का भी जिक्र किया था

#रजनी

मां के साथ मजदूरी करने वाली 16 साल की रजनी इसी साल जनवरी में सर्बिया में नेशंस बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रूस की बॉक्सर को हराया था। वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ जूनियर बॉक्सर चुनी गई थी। अब 19 दिसंबर को वह नेशनल चैंपियन बनी है। चंडीगढ़ में हुई नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड जीतते ही वह सबसे पहले पास में ही एक ठेले वाले के पास दूध पीने गई। दूध पीया और मेडल को कपड़े में लपेटकर रख लिया। मोदी ने रविवार को इस घटना का जिक्र किया। इसके बाद रजनी ने भास्कर से बातचीत में कहा- ‘मेरे पिता भी ठेला लगाकर लस्सी बेचते हैं। मेडल जीतते ही मैं उन्हीं के सम्मान में एक ठेले वाले के पास गई।’

पानीपत के बुआना लाखू गांव की रजनी की चार बहने हैं। दो बड़ी और दो छोटी। रजनी 8 साल की थी तो उसने गांव में बॉक्सिंग कोच सुरेंद्र मलिक को फूल मालाओं से लदा देखा। वे किसी मुकाबले से लौटे थे। यही घटना रजनी की प्रेरणा बनी। उसने मां से कहा कि वह बॉक्सिंग सीखेगी और फिर लोग उसका भी मालाओं से स्वागत करेंगे। घर के हालात खराब होने के बावजूद मां ने तुरंत हामी भर दी। लेकिन, पैसे नहीं होने की वजह से रजनी को मां के साथ मजदूरी करनी पड़ी। फिर भी वह रोज छह घंटे एकेडमी में प्रैक्टिस करती रही। कई बार बासी रोटी खाकर बॉक्सिंग सीखने जाती थी। पैसे नहीं थे, इसलिए एकेडमी के पुराने ग्लव्स से ही प्रैक्टिस करती थी। आठ साल की मेहनत का नतीजा आज सबके सामने है।

#वेदांगी

पुणे की रहने वाली 20 साल की वेदांगी कुलकर्णी साइकिल से दुनिया का चक्कर लगाने वाली सबसे तेज एशियन

पुणे की वेदांगी ने पिछले हफ्ते ही साइकिल से पूरी दुनिया का चक्कर पूरा किया। वेदांगी ऐसा करने वाली एशिया की सबसे तेज साइक्लिस्ट हैं। 20 साल की वेदांगी ने 159 दिन में 29 हजार किमी साइक्लिंग की। यानी रोज औसतन 182 किमी।


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